अगर आप से पूछा जाए कि आपके देश का नाम भारत है, इंडिया है या फिर हिंदुस्तान तो आप शायद निरुत्तर हो जाएंगे। देश के गृहमंत्रालय का हाल भी कुछ ऐसा ही है। उसे भी अपने देश का आधिकारिक नाम नहीं पता। सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के माध्यम से यह सच्चाई सामने आई है। यह सवाल सबके सामने आने के बाद अब अपने देश को एक आधिकारिक नाम तो मिलना ही चाहिए। आरटीआइ कार्यकर्ता मनोरंजन रॉय ने इस बारे में जानकारी हासिल करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय में आरटीआइ आवेदन दिया था। मंत्रालय के अधिकारियों ने उन्हें जवाब दिया कि उनके पास इस बारे में कोई सूचना नहीं है। अंग्रेजी में देश को इंडिया, हिंदी में भारत और उर्दू में हिंदुस्तान कहा जाता है। रॉय ने बताया कि उन्होंने आरटीआइ में पूछा था कि अगर हमारे देश को कई नामों से बुलाया जाता है तो उसका असली नाम क्या है? लेकिन उन्हें जो जवाब मिला उसे देखकर वह दंग हैं और अब इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यदि एक आम आदमी अपना नाम बदलता है तो उसे कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसी तरह देश का नाम बदलने की जानकारी भी आम जनता को दी जानी चाहिए। रॉय ने कहा, हमारी सरकार को अपने देश का आधिकारिक नाम नहीं पता। इसलिए मैं अपने देश का नाम और राष्ट्रीय भाषा जानने के लिए जनहित याचिका दायर करूंगा।
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